मोहन लागत प्यारा
भजन · Hindi · ⏱ 1 min
अन्य नाम · Also known as मोहन लागत प्यारा · Mohan Lagat Pyara
पद ४४ राग मारू.
मोहन लागत प्यारा राणाजी, मोहन लागत प्यारा. टेक.
जिनकी कला से हालत चालत, बोलत प्राण आधारा,
नेन की कला में सब जुग भूल्यो, ये ही पुरुष हय न्यारा— ⁠राणाजी. १.
तुम भी जूठे, हम भी जूठे, जूठा है सब संसारा,
स्त्री पुरुष के संबंध जूठे, तो फूट्या हैया तुमारा— राणाजी. २.
तुम ही कहो अरधंगा हमारी, हमकुं लगायो कारा,
कोटि ब्रह्मांड मे व्यापी रह्यो हय, सो निज वर हमारा— राणाजी. ३.
पीळु पीतांबर मोतिन की माळा, लेई अंगन में जलाया,
छाप तिलक तुलसी की माला, साधु संग निस्तारा— राणाजी. ४.
मीरांबाई कहे प्रभु गिरिधर नागर, शरण बिरद संभारा,
हरि भजन बिना जे दिन खोये, धिक् मनुषा जनमारा— राणाजी ५.
गुजराती विकिस्रोत — "मोहन लागत प्यारा" (મોહન લાગત પ્યારા), Bhajan Sar Sindhu.pdf, संस्करण 196479. मूल गुजराती लिपि से देवनागरी में लिप्यंतरित। CC BY-SA 4.0.
Gujarati Wikisource — devotional collections · Creative Commons BY-SA
Text from Gujarati Wikisource (gu.wikisource.org), used under CC BY-SA 4.0. The exact page, scan and revision are recorded with each text.