शिव आरती
आरती · 🔱 भगवान शिव · Sanskrit · ⏱ 2 min
अन्य नाम · Also known as शिव आरती
Sanskrit text from Sanskrit Wikisource.
ओम जय गंगाधर हर। शिव जय गिरिजाधीश, शिव जय गौरीनाथ।
त्वं मां पालय नित्यं, त्वं मां पालय शंभो, कृपया जगदीश। ओम हर हर हर महादेव ॥ धृ ॥
कैलासे गिरिशिखरे कल्पद्रुमविपिने, शिव कल्पद्रुमविपिने, गुंजति मधुकर पुंजे (२),कुंजवने गहने।
कोकिल कूजति खेलति हंसावलिललिता, शिव हंसा वलिललिता। रचयति कलाकलापं (२), नृत्यति मुदसहिता, ओम हर हर हर महादेव ॥ १॥
तस्मिंल्ललितसुदेशे शालामणिरचिता, शिव शालामणिरचिता। तन्मध्ये हरनिकटे (२), गौरीमुदसहिता।
क्रीडां रचयति भूषां रंजितनिजमीशं, शिव रंजितनिजमीशं। इन्द्रादिक सुरसेवित, ब्रम्हादिक सुरसेवित (२) प्रणमति ते शीर्षम, ओम हर हर हर महादेव॥ २॥
विबुधवधूर्बहु नृत्यति हृदये मुदसहिता, शिव हृदये मुदसहिता। किन्नरगानं कुरुते (२), सप्तस्वरसहिता।
धिनकत थै थै धिनकत मृदंग वादयते, शिव मृदंग वादयते। क्वण क्वण ललिता वेणु (२), र्मधुरं नादयते, ओम हर हर हर महादेव॥ ३॥
रुणु रुणु चरणे रचयति नूपुरमुज्वलितं, शिव नूपुरमुज्वलितं। चक्रावर्ते भ्रमयति (२), कुरुते तां धिक ताम।
तां तां लुपचुप तालं नादयते, शिव तालं नादयते। अंगुष्ठांगुलिनादं (२), लास्यकतां कुरुते, ओम हर हर हर महादेव॥ ४॥
कर्पुरद्युतिगौरं पंचाननसहितं, शिव पंचाननसहितं। त्रिनयनशशिधरमौलि: (२),विषधरंकण्ठयुतम।
सुन्दरजटाकलापं पावकयुतभालं शिव पावकयुतभालं। डमरुत्रिशुलपिनाकं (२), करधृतनृकपालं, ओम हर हर हर महादेव ॥ ५॥
शंखनिनादं कृत्वा झल्लरि नादयते, शिव झल्लरि नादयते। नीराजयते ब्रम्हा, नीराजयते विष्णुर्वेदऋचां पठते।
इति मृदुचरणसरोजं हृत्कमले धृत्वा, शिव हृत्कमले धृत्वा। अवलोकयति महेशं, अवलोकयति सुरेशं, ईशम अभिनत्वा। ओम हर हर हर महादेव॥ ६॥
रुण्डै: रचयति मालां पन्नगमुपवीतं, शिव पन्नगमुपवीतं। वामविभागे गिरिजा, वामविभागे गौरी रुपमतिललितम।
सुन्दरसकलशरीरे कृतभस्माभरणं, शिवकृतभस्माभरणं। इति वृषभध्वजरुपं, हरशिवशंकररुपं, तापत्रयहरणं, ओम हर हर हर महादेव ॥ ७॥
ध्यानं आरति समये हृदये इति कृत्वा, शिव हृदये इति कृत्वा। रामं त्रिजटानाथं (२), ईशम अभिनत्वा।
संगीतमेवं प्रतिदिनपठनं यः कुरुते, शिव पठनं यः कुरुते। शिवसायुज्यं गच्छति (२), भक्त्या यः श्रुणुते। ओम हर हर हर महादेव ॥ ८॥
ओम जय गंगाधर हर, शिव जय गिरिजाधीश, शिव जय गौरीनाथ।
त्वं मां पालय नित्यं, त्वं मां पालय शम्भो, कृपया जगदीश। ओम हर हर हर महादेव ॥
Sanskrit Wikisource, page "शिव आरती", revision 33009.
Sanskrit Wikisource · Creative Commons BY-SA
Text from Sanskrit Wikisource (sa.wikisource.org), used under CC BY-SA 4.0. Page history and contributors are linked from the source URL recorded with each text.
सम्बन्धित पाठ · Related reading
शिव जी की आरती, जो सोमवार, महाशिवरात्रि और श्रावण मास की पूजा में गाई जाती है। ब्रह्मा, विष्णु और सदाशिव की एकता का स्मरण।
जयजयजी मदनांतक गौरीशंकरा — श्री शंकराची आरती। A Marathi Aarti of Shankar.
भस्मप्रिया भूतपते — श्री शंकराची आरती। A Marathi Aarti of Shankar.
Sanskrit text attributed to आदिशङ्कराचार्यः from The Works of Sri Sankaracharya, Volume 17 (Stotras, Vol. 1), Sri Vani Vilas Press, 1910.
Sanskrit text attributed to आदिशङ्कराचार्यः from The Works of Sri Sankaracharya, Volume 18 (Stotras, Vol. 2), Sri Vani Vilas Press, 1910.