शंकराची आरती/जयजयजी मदनांतक गौरीशंकरा
आरती · 🔱 भगवान शिव · Marathi · ⏱ 1 min
अन्य नाम · Also known as शंकराची आरती/जयजयजी मदनांतक गौरीशंकरा · Shankarachi Aarti — Jayajayaji Madanantak · Shamkaraci Arati Jayajayaji Madanamtaka Gaurishamkara
जयजयजी मदनांतक गौरीशंकरा — श्री शंकराची आरती। A Marathi Aarti of Shankar.
जयजयजी मदनांतक गौरीशंकरा ।
पंचारती करितो तुज हे महेश्वरा ।। धृ ।।
व्याघ्राम्बर अंगी तू नित्य सेविसी ।
रुंडमाळ कंठीं असे मस्तकी शशी ।।
गिरीजा तव वामांकी शोभते तशी ।
भस्मप्रिया भूतपते इंदुशेखरा ।। १ ।।
बहु दुर्जन त्रिपुर दैत्य प्रबल जाहला ।
हरीविधिसह विबुध पिडुनी त्रास दिधला ।।
तेव्हा ते अति भावे स्तविती मग तुला ।
त्रिपुरासूर वधुनी सुखी करिसी सुरवरा ।। २ ।।
एकवीस स्वर्गाहुनी उंची तव अति ।
सर्वेशा दाता तू सदगतीप्रति ।।
तव लीला वर्णनासी अल्प मम मती ।
विठ्ठलसुत विनवितसे रक्षि किंकरा ।। ३ ।।
मराठी विकिस्रोत, पृष्ठ "शंकराची आरती/जयजयजी मदनांतक गौरीशंकरा", आवृत्ति 223538.
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भस्मप्रिया भूतपते — श्री शंकराची आरती। A Marathi Aarti of Shankar.
Sanskrit text attributed to आदिशङ्कराचार्यः from The Works of Sri Sankaracharya, Volume 17 (Stotras, Vol. 1), Sri Vani Vilas Press, 1910.
Sanskrit text attributed to आदिशङ्कराचार्यः from The Works of Sri Sankaracharya, Volume 18 (Stotras, Vol. 2), Sri Vani Vilas Press, 1910.