आरती श्री शिवजी की
आरती · 🔱 भगवान शिव · Hindi · ⏱ 1 min
अन्य नाम · Also known as Om Jai Shiv Omkara · Shiv Ji Ki Aarti · Shankar Aarti · जय शिव ओंकारा · शिव जी की आरती · शंकर आरती
शिव जी की आरती, जो सोमवार, महाशिवरात्रि और श्रावण मास की पूजा में गाई जाती है। ब्रह्मा, विष्णु और सदाशिव की एकता का स्मरण।
जय शिव ओंकारा हर शिव ओंकारा,
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अर्द्धांगी धारा॥ ॐ हर हर०॥
एकानन चतुरानन पंचानन राजे,
हंसानन गरूड़ासन वृषवाहन साजे॥ ॐ हर हर०॥
दो भुज चार चतुर्भुज दशभुज ते सोहे,
तीनों रूप निरखता त्रिभुवन जन मोहे॥ ॐ हर हर०॥
अक्षमाला बनमाला रूण्डमाला धारी,
त्रिपुरारि कंसारी करमाला धारी॥ ॐ हर हर०॥
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघाम्बर अंगे,
सनकादिक ब्रह्मादिक भूतादिक संगे॥ ॐ हर हर०॥
कर मध्ये कमण्डलु चक्र त्रिशूल धर्ता,
जगकरता जगहरता जगपालन करता॥ ॐ हर हर०॥
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका,
प्रणवाक्षर के मध्ये यह तीनों एका ॥ ॐ हर हर०॥
त्रिगुण शिव की आरती जो कोई नर गावे,
कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे॥ ॐ हर हर०॥
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Sanskrit text from Sanskrit Wikisource.
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Sanskrit text attributed to आदिशङ्कराचार्यः from The Works of Sri Sankaracharya, Volume 17 (Stotras, Vol. 1), Sri Vani Vilas Press, 1910.
Sanskrit text attributed to आदिशङ्कराचार्यः from The Works of Sri Sankaracharya, Volume 18 (Stotras, Vol. 2), Sri Vani Vilas Press, 1910.