आरती श्री सरस्वती जी की
आरती · 🎵 माँ सरस्वती · Hindi · ⏱ 1 min
अन्य नाम · Also known as Aarti Kije Saraswati Ji Ki · Maa Saraswati Ki Aarti · आरती कीजे सरस्वती जी की · माँ सरस्वती की आरती
विद्या, बुद्धि और भक्ति की जननी सरस्वती जी की आरती, जो वसन्त पंचमी और विद्यारम्भ के अवसर पर गाई जाती है।
आरती कीजे सरस्वती जी की,
जननि विद्या बुद्धि भक्ति की । टेक।
जाकी कृपा कुमति मिट जाए,
सुमिरन करत सुमति गति आये,
शुक सनकादिक जासु गुण गाये
वाणि रुप अनादि शक्ति की॥ आरती॥
नाम जपत भ्रम छुटें हिय के,
दिव्य दृष्टि शिशु खुलें हिय के,
मिलहि दर्श पावन सिय पिय के,
उड़ाई सुरभि युग-युग कीर्ति की॥ आरती॥
रचित जासु बल वेद पुराणा,
जेते ग्रन्थ रचित जगनाना।
तालु छन्द स्वर मिश्रित गाना,
जो आधार कवि यति सति की॥ आरती॥
सरस्वती की वीणा वाणी कला जननि की॥आरती॥
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Sanskrit text attributed to आदिशङ्कराचार्यः from The Works of Sri Sankaracharya, Volume 18 (Stotras, Vol. 2), Sri Vani Vilas Press, 1910.
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