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एकात्मता स्तोत्र

Ekatmata Stotr

स्तोत्र · Sanskrit · ⏱ 1 min

अन्य नाम · Also known as एकात्मता स्तोत्र · Ekatmata Stotr

अक्षर का आकार

ॐ नमः सच्चिदानंद रूपाय परमात्मने ।
ज्योतिर्मयस्वरूपाय विश्वमान्गल्यमूर्तये ॥ १ ॥
प्रकृतिः पंचाभूतानी ग्रहलोकस्वरस्तथा ।
दिशाः कालश्च सर्वेश्ह सदा कुर्वंतुमंगलम् ॥ २ ॥
रत्नाकराधौतपद हिमालयकिरीटिनीम् ।
ब्रह्मराजर्षिरत्नाढ्याम् वन्देभारतमातरम् ॥ 3॥
महेन्द्रोमलयःसह्यो देवतात्मा हिमालयः ।
ध्येयो रैवातको विन्ध्यो गिरिश्चारावरिस्तथा ॥ ४ ॥
गंगा सरस्वती सिन्धु ब्रह्मपुत्राश्च गण्डकी ।
कावेरी यमुना रेवा कृष्णा गोदा महानदी ॥ ५ ॥
अयोध्या मथुरा माया काशी कांची अवन्तिका ।
वैशाली द्वारका ध्येया पुरी तक्षशिला गया ॥ ६ ॥
प्रयागः पाटलिपुत्र विजयनगर महत ।
इन्द्रप्रस्थ सोमनाथस्तथामृतासराप्रियम् ॥ ७ ॥

स्रोत · Source

गुजराती विकिस्रोत — "एकात्मता स्तोत्र" (એકાત્મતા સ્તોત્ર), Aarti Bhajan Stotra.pdf, संस्करण 204054. मूल गुजराती लिपि से देवनागरी में लिप्यंतरित। CC BY-SA 4.0.
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