चण्डिकाष्टकम्
अष्टकम् · 🌺 माँ दुर्गा · Sanskrit · ⏱ 1 min
अन्य नाम · Also known as चण्डिकाष्टकम्
Sanskrit text from Sanskrit Wikisource.
.. चण्डिकाष्टकम् ..
सहस्रचन्द्रनित्दकातिकान्त- चन्द्रिकाचयै-
दिशोऽभिपूरयद् विदूरयद् दुराग्रहं कलेः ।
कृतामलाऽवलाकलेवरं वरं भजामहे
महेशमानसाश्रयन्वहो महो महोदयम् ।। १।।
विशाल- शैलकन्दरान्तराल- वासशालिनीं
त्रिलोकपालिनीं कपालिनी मनोरमामिमाम् ।
उमामुपासितां सुरैरूपास्महे महेश्वरीं
परां गणेश्वरप्रसू नगेश्वरस्य नन्दिनीम् ।। २।।
अये महेशि! ते महेन्द्रमुख्यनिर्जराः समे
समानयन्ति मूर्द्धरागत परागमंघ्रिजम् ।
महाविरागिशंकराऽनुरागिणीं नुरागिणी
स्मरामि चेतसाऽतसीमुमामवाससं नुताम् ।। ३।।
भजेऽमरांगनाकरोच्छलत्सुचाम रोच्चलन्
निचोल- लोलकुन्तलां स्वलोक- शोक- नाशिनीम् ।
अदभ्र- सम्भृतातिसम्भ्रम- प्रभूत- विभ्रम-
प्रवृत- ताण्डव- प्रकाण्ड- पण्डितीकृतेश्वराम् ।। ४।।
अपीह पामरं विधाय चामरं तथाऽमरं
नुपामरं परेशिदृग्- विभाविता- वितत्रिके ।
प्रवर्तते प्रतोष- रोष- खेलन तव स्वदोष-
मोषहेतवे समृद्धिमेलनं पदन्नुमः ।। ५।।
भभूव्- भभव्- भभव्- भभाभितो- विभासि भास्वर-
प्रभाभर- प्रभासिताग- गह्वराधिभासिनीम् ।
मिलत्तर- ज्वलत्तरोद्वलत्तर- क्षपाकर
प्रमूत- भाभर- प्रभासि- भालपट्टिकां भजे ।। ६।।
कपोतकम्बु- काम्यकण्ठ- कण्ठयकंकणांगदा-
दिकान्त- काश्चिकाश्चितां कपालिकामिनीमहम् ।
वरांघ्रिनूपुरध्वनि- प्रवृत्तिसम्भवद् विशेष-
काव्यकल्पकौशलां कपालकुण्डलां भजे ।। ७।।
भवाभय- प्रभावितद्भवोत्तरप्रभावि भव्य
भूमिभूतिभावन प्रभूतिभावुकं भवे ।
भवानि नेति ते भवानि! पादपंकजं भजे
भवन्ति तत्र शत्रुवो न यत्र तद्विभावनम् ।। ८।।
दुर्गाग्रतोऽतिगरिमप्रभवां भवान्या
भव्यामिमां स्तुतिमुमापतिना प्रणीताम् ।
यः श्रावयेत् सपुरूहूतपुराधिपत्य
भाग्यं लभेत रिपवश्च तृणानि तस्य ।। ९।।
रामाष्टांक शशांकेऽब्देऽष्टम्यां शुक्लाश्विने गुरौ ।
शाक्तश्रीजगदानन्दशर्मण्युपहृता स्तुतिः ।। १०।।
।। इति कविपत्युपनामक- श्री उमापतिद्विवेदि- विरचितं चण्डिकाष्टकं
सम्पूर्णम् ।।
Sanskrit Wikisource, page "चण्डिकाष्टकम्", revision 37873.
Sanskrit Wikisource · Creative Commons BY-SA
Text from Sanskrit Wikisource (sa.wikisource.org), used under CC BY-SA 4.0. Page history and contributors are linked from the source URL recorded with each text.
सम्बन्धित पाठ · Related reading
माँ दुर्गा की आरती, जो नवरात्रि और देवी पूजा में गाई जाती है। शुम्भ-निशुम्भ और महिषासुर का संहार करने वाली अम्बे गौरी की स्तुति।
Sanskrit text from Sanskrit Wikisource.
Sanskrit text from Sanskrit Wikisource.
Sanskrit text from Sanskrit Wikisource.
Sanskrit text from Sanskrit Wikisource.
Sanskrit text from Sanskrit Wikisource.