आरती श्री लक्ष्मी जी की
आरती · 🪙 माँ लक्ष्मी · Hindi · ⏱ 1 min
अन्य नाम · Also known as Om Jai Lakshmi Mata · Mahalakshmi Aarti · Laxmi Ji Ki Aarti · ओ३म् जय लक्ष्मी माता · महालक्ष्मी आरती · लक्ष्मी जी की आरती
महालक्ष्मी जी की आरती, जो दीपावली और शुक्रवार की पूजा में गाई जाती है। सुख, सम्पत्ति और ऋद्धि-सिद्धि की दात्री का स्मरण।
ओ३म् जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशदिन सेवत, हर विष्णु धाता॥ ओ३म्॥
उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥ ओ३म्॥
दुर्गा रूप निरंजनि, सुख-सम्पति दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥ ओ३म्॥
तुम पाताल निवासिनी, तुम ही शुभ दाता।
कर्म-प्रभाव प्रकाशिनि, भवनिधि की त्राता॥ ओ३म्॥
जिस घर में तुम रहतीं, तहँ सद्गुण आता।
सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता॥ओ३म्॥
तुम बिन यज्ञ न होवे, वस्त्र न कोई पाता।
खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥ ओ३म्॥
शुभ-गुण-मन्दिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता।
रतन चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥ ओ३म्॥
महालक्ष्मी जी की आरती, जो कोई जन गाता।
उर आनंद समाता, पाप उतर जाता॥ ओ३म्॥
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Sanskrit text attributed to आदिशङ्कराचार्यः from The Works of Sri Sankaracharya, Volume 18 (Stotras, Vol. 2), Sri Vani Vilas Press, 1910.
The bija mantra of Maa Lakshmi, recited on Fridays and at Diwali.
Sanskrit text from Sanskrit Wikisource.