आरती श्री गणेश जी की
आरती · 🐘 श्री गणेश · Hindi · ⏱ 1 min
अन्य नाम · Also known as Jai Ganesh Jai Ganesh Deva · Ganesh Ji Ki Aarti · जय गणेश जय गणेश देवा · गणेश जी की आरती
गणेश जी की आरती, जो हर पूजा और मंगल कार्य के आरम्भ में गाई जाती है। एकदन्त, चार भुजाधारी और मूषक पर सवार विघ्नहर्ता का स्मरण।
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
एकदन्त दयावन्त, चार भुजाधारी।
मस्तक सिन्दूर सोहे, मूसे की सवारी ॥जय०॥
अन्धन को आँख देत, कोढ़िन को काया।
बाँझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥जय०॥
पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करे सेवा ॥जय०॥
सूर श्याम शरण आए सफल कीजे सेवा ॥जय०॥
दीनन की लाज राखो शम्भु-सुतवारी।
कामना को पूर्ण करो जग बलिहारी ॥जय०॥
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Sanskrit text attributed to आदिशङ्कराचार्यः from The Works of Sri Sankaracharya, Volume 17 (Stotras, Vol. 1), Sri Vani Vilas Press, 1910.