श्री हनुमानजी की आरती
आरती · 🚩 श्री हनुमान · Hindi · ⏱ 1 min
अन्य नाम · Also known as Aarti Kije Hanuman Lala Ki · Bajrang Bali Ki Aarti · आरती कीजै हनुमान लला की · बजरंग बली की आरती
हनुमान जी की आरती, जो मंगलवार और शनिवार की पूजा तथा हनुमान चालीसा के पाठ के बाद गाई जाती है।
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्टदलन रघुनाथ कला की।टेक॥
जाके बल से गिरिवर काँपे। रोग-दोष जाके निकट न झाँके॥1॥
अंजनि पुत्र महा बलदाई। संतन के प्रभु सदा सहाई॥2॥
दे वीरा रघुनाथ पठाये। लंका जारि सिया सुधि लाये॥3॥
लंका सो कोट समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई॥4॥
लंका जारि असुर संहारे। सीयारामजीके काज सँवारे॥5॥
लक्ष्मण मूर्च्छित पड़े सकारे। आनि सजीवन प्रान उबारे॥6॥
पैठि पताल तोरि जम-कारे। अहिरावन की भुजा उखारे॥7॥
बायें भुजा असुर दल मारे। दहिने भुजा संतजन तारे॥8॥
सुर नर मुनि आरती उतारें। जै जै जै हनुमान उचारे॥9॥
कंचन थार कपूर लौ छाई। आरती करत अंजना माई॥10॥
जो हनुमान (जी) की आरती गावैं। बसि बैकुंठ परमपद पावै॥11॥
लंका विध्वंस कियो रघुराई। तुलसी दास प्रभु कीरति गाई॥
इति आरती बजरंग बली की। आरती कीजे हनुमान लला की॥
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